Wednesday, February 4, 2026

ये मालखरौदा है साहब यहां सब चलता है, एक साथ दो दो नौकरी कोई कार्यवाही नहीं………

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ये मालखरौदा है साहब यहां सब चलता है, एक साथ दो दो नौकरी कोई कार्यवाही नहीं………

सक्ती/मालखरौदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की शुरुआत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 25 जून 2015 को “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य के साथ की गई थी, जो कि इंदिरा आवास योजना (IAY) का पुनर्गठन था, और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में पात्र परिवारों को किफायती पक्के घर प्रदान करना है, साथ ही आवास निर्माण के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी भी प्रदान करना शामिल है।

प्रधान मंत्री आवास योजना भारत के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए एक समग्र प्रयास है।

यह योजना महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और विकलांग व्यक्तियों को प्राथमिकता देती है, बशर्ते वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) / निम्न आय वर्ग (LIG) से संबंधित हों। इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा आवास मित्रो की नियुक्ति किया गया है, ताकि योजना सही तरीके से संचालित हो सके।

 

 

*कौन होते है, क्या काम होता है आवास मित्र का….?*

 

आवास मित्र वह व्यक्ति होता है, जो सरकारी आवास योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों और जरूरतमंदों को घर बनाने में मदद करता है. इनकी मुख्य जिम्मेदारी योजना की जानकारी हितग्राहियों तक पहुँचाना, उनके निर्माण कार्यों की निगरानी करना और निर्माण प्रक्रिया में सहायता करना होती है. ये आवास मित्र जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए जाते हैं और इन्हें पूरा किए गए घरों के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। आवास मित्र की मुख्य जिम्मेदारियों की बात करे तो पीएम आवास योजना के बारे में पात्र हितग्राहियों को जानकारी प्रदान करना, योजना के तहत होने वाले आवास निर्माण की गुणवत्ता, लेआउट और निर्माण कार्यों की निगरानी करना, जनपद पंचायत, विभाग और संबंधित विक्रेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना और हितग्राहियों को रियायत दर पर सामग्री दिलाने में मदद करना, मकान निर्माण के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देना, आवास निर्माण से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देना। वही योग्यता की बात करें तो आवास मित्र बनने के लिए योग्यता:

आमतौर पर 12वीं पास युवा इसके लिए पात्र होते हैं,

बी.ई. सिविल, डिप्लोमा सिविल और एम.ए. (ग्रामीण विकास) पास अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा सकती है, इस सब के साथ आवास मित्र के लिए नियुक्त करने से पहले यह प्रत्येक पात्र अभ्यर्थियों से शपथ पत्र लिया जाता है कि वे किसी शासकीय या अशासकीय पद में कार्यरत न हो यदि उनके द्वारा गलत जानकारी दिया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जा सकता है।

 

*मालखरौदा जनपद पंचायत में एक ऐसा आवास मित्र जो कर रहा है एक साथ दो – दो नौकरियां…….*

 

जी बिल्कुल आप ऊपर में जो शीर्षक पढ़ रहे हैं वह सही है दरहसल सक्ती जिले के मालखरौदा जनपद पंचायत क्षेत्र में आवास मित्रो के नियुक्ति के दौरान भी सभी से शपथ पत्र लिया गया था जिसमें उनके द्वारा यह साफ साफ स्वीकार किया गया है कि वे नियुक्ति के समय से ही किसी भी शासकीय या अशासकीय पद पर पदस्थ नहीं हैं,

मगर असलियत में कुछ और ही निकल कर सामने आ रहा है बता दें कि वर्तमान में मालखरौदा जनपद पंचायत क्षेत्र बड़े पाड़रमुड़ा में नियुक्त आवास मित्र संजय रत्नाकर द्वारा सरकार को चुना लगाया जा रहा है जिनके द्वारा नियुक्ति के समाय 20 रुपए के स्टाम्प पेपर में दिनांक 20/01/2025 को शपथ पत्र जमा किया गया था कि वे किसी भी शासकीय या अशासकीय पद में कार्यरत नहीं हैं मगर असलियत तो कुछ और ही है। बता दें कि संजय रत्नाकर वर्तमान समय में उन्हीं के ग्राम के प्राथमिक शाला करीगांव में अंशकालीन सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत है वहां से उनका मासिक वेतन भी बनाया जा रहा है। उनको माह दिसम्बर 2024 और जनवरी 2025 को स्कूल से वेतन के लिए उपस्थिति पंजी जमा किया गया है जिसकी सत्यप्रतिलिपि हमारे संस्था के पास उपलब्ध है उसमें साफ साफ जाहिर किया गया है कि वे उन दोनों माह में कार्यरत थे और उपस्थित भी रहे हैं।

 

 

*जानकारी होते हुए भी मूकदर्शक बन बैठे है जनपद सहित जिले के जिम्मेदार अधिकारी……*

ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इस मामले की जानकारी जिम्मेदारों को नहीं इससे पहले इस मामले का उजागर कुछ पत्रकारों द्वारा न्यूज पोर्टल और कुछ पेपरों में करने की कोशिश की थी इसकी जानकारी नहीं न कही अधिकारियों को है बावजूद वे किसी भी तरह से ठोस कदम उठाने या जांच तक करने में उनके हाथ कांप रहे हैं, शायद इसके पीछे कोई राजनीतिक पावर या किसी और चीज का दबाव हो सकता है। इस बार यदि खबर प्रकाशन के बाद कोई कार्यवाही नहीं होती है तो निश्चित ही इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों सहित शासन प्रशासन तक किया जाना तय है।

 

 

 

वर्जन…….

 

जांच करवाते है क्या है तो, दोषी पाए जाने पर कार्यवाही जरूर किया जाएगा।

“*वासु जैन ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सक्ती)*”

 

हमारे स्कूल में वर्तमान में संजय रत्नाकर अंशकालीन सफाई कर्मचारी के रूप में पदस्थ है, जिनके द्वारा अभी तक त्याग पत्र आदि नहीं दिया गया है।

” *धनंजय गवेल ( प्राचार्य शासकीय प्राथमिक विद्यालय करीगांव)*”

 

इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है।

” *गनपत देहरी ( ब्लाक समन्वयक जनपद पंचायत मालखरौदा)*”

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