धान खरीदी केंद्र खैरा में किसानों से अवैध वसूली का आरोप, धान पलटी के नाम पर पैसा मांगने का मामला, मामले का वीडियो भी आया सामने…….

सक्ती। जिले के सक्ती तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र खैरा में किसानों के शोषण का गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंडी में धान पलटी (धान उतारने-पलटने) के नाम पर किसानों से अवैध रूप से पैसा वसूले जाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह वसूली मंडी में कार्यरत हमालों (मजदूरों) के जरिए कराई जा रही है, जबकि नियमों के अनुसार किसानों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि लेना पूरी तरह गैरकानूनी है।
किसानों का आरोप है कि जब वे धान पलटी का पैसा देने से इनकार करते हैं, तो मंडी केंद्र के मुख्य अधिकारी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए “रे-तू” जैसे शब्दों में बात की जाती है, जिससे किसानों का खुलेआम अपमान हो रहा है। आरोप यह भी है कि मंडी प्रभारी या संबंधित अधिकारी खुद सामने आकर पैसा नहीं मांगते, बल्कि हमालों को आगे कर किसानों पर दबाव बनवाया जाता है।
यह मामला सिर्फ आर्थिक शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के सम्मान और सरकारी धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। किसानों का कहना है कि सरकार जहां किसानों को सुविधाएं देने और उनकी आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर मंडी में अधिकारी और हमाल मिलकर खुलेआम अवैध वसूली कर रहे हैं।
स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि
खैरा धान मंडी केंद्र की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए
दोषी अधिकारियों और हमालों पर सख्त कार्रवाई की जाए
*वीडियो वायरल होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं….*
सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे मामले का वीडियो सामने आया है, जिसमें किसानों की बात और मंडी का माहौल साफ-साफ देखा जा सकता है। इसके बावजूद अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस गंभीर आरोप और वीडियो साक्ष्य पर संज्ञान लेगा, या फिर किसानों की आवाज एक बार फिर दबा दी जाएगी?

