धान खरीदी केंद्र करिगाँव में सरकारी नियमों को दिखाया जा रहा ठेंगा…..

सक्ती। धान का कटोरा के कहे जाने वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ में किसानों को किसी भी तरह से परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके के लिए सरकार तरह तरह की योजनाएं ला रही हैं ताकि किसानों को सरकार की हर योजनाओं का लाभ सही तरीके से सही समय में प्राप्त हो मगर यहां सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र करिगांव में कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है जहां कुछ किसानों ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि वहां के प्रभारी के द्वारा हर बोरी में 1 से डेढ़ किलो अधिक तौल में खरीदी किया जा रहा है और किसानों के पेट में डाका डाला जा रहा है । शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद इस तरह की घटना से जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाले निशान खड़े कर रही है। नियमों के अनुसार नई बोरी का वजन 300 ग्राम और जूट बोरी का वजन 600 ग्राम निर्धारित है, लेकिन किसानों से इससे ज्यादा अतिरिक्त धान लिया जा रहा है।
*धान के रखरखाव के लिए शासन से नहीं मिलता पैसा – खरीदी प्रभारी महेश कुमार चंद्रा*
सरकारी नियमानुसार हर खरीदी केन्द्र में धान बोरियो के स्टॉक को सुरक्षित करने के लिए तरह तरह के बजट के माध्यम से हर खरीदी केंद्र में राशि जारी करती है ताकि किसानों के धानों को सुरक्षित रखा जा सके तथा चूहों सहित बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान से धान की बचाया जा सके बावजूद इसके धान खरीदी केंद्र करिगांव में लाखों के धान को बिना किसी जरूरी बंदोबस के एक पतली से प्लास्टिक के दम पर स्टॉक लगाया जा रहा है जबकि धान स्टॉक के लिए शासन से ईट और भूंसा लगाने के लिए हजारों रुपए शासन द्वारा जारी किया जाता है मगर यहां के खरीदी प्रभारी महेश कुमार चंद्रा का कहना है कि इतने सारे स्टॉकों में व्यवस्था के लिए कोई बजट नहीं मिलता है, इस लिए प्लास्टिक लगाए है पानी गिरता है तो उस टाइम देखेंगे । इस बयान से साफ जाहिर होता हैं कि इनके मंसूबे कैसे है किस तरह की खरीदी कार्य जारी होंगे। अब देखना होगा खबर प्रकाशन के बाद कोई कार्यवाही होती है या नहीं । यदि जल्द कार्यवाही नहीं होती है तो इसकी लिखित शिकायत सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों सहित मुख्य मंत्री से करने की बात किसानों द्वारा किया जा रहा है।

