श्रीमद् भागवत कथा का हुवा आयोजन, भक्तिमय में डूबे खरसिया नगर*

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*श्रीमद् भागवत कथा का हुवा आयोजन, भक्तिमय में डूबे खरसिया नगर*

*खरसिया : -* नगर पालिका परिषद खरसिया क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 9 संवरा पारा हनुमान मंदिर के पास अजीत सिंह नगर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य कथा वाचक पंडित देवकीनंदन तिवारी महाराज जी द्वारा कथा रूपी सागर में स्नान कराया गया। कहा जाता है श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के द्वारा जीवन मुक्ति होता है और सब तरह के पाप का नाश होता है। जैसे आग सब कुछ को जलाकर राख कर देती है वैसे ही भगवान कथा के श्रवण मात्र से समस्त पाप नाश होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है‌ व जन्म-जन्मांतर के पुण्य का उदय होने पर भगवान कथा सुनने को मिलती है जिससे अर्थ धर्म काम मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भगवान कथा के श्रवण से बढ़कर इस संसार में कोई ज्ञान मोक्ष का सरल साधन नहीं है। सभी प्रकार की मनोकामना सिद्ध होती है। इस भक्ति की गंगा में श्रद्धालु ने जी भरकर डुबकी लगाया, सुनने नगर के लोगों की भीड़ रही। श्रीमद् भागवत ग्रंथ भाव समाधि निमग्न परम रसज्ञ श्री सुखदेव जी के मुख से उदित हुआ। संपूर्ण सिद्धांतों का निष्कर्ष यह ग्रंथ जन्म व मृत्यु के भय नाश कर देता है व भक्ति के प्रभाव को बढ़ाता है। भागवत कथा में कहा है भगवान श्री कृष्ण की प्रसन्नता का प्रधान साधन है मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भागवत कथा देवताओं को भी दुर्लभ है तभी परीक्षित जी की सभा में सुकदेव जी ने कथा अमृत बदले में अमृत कलश नहीं लिया। श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत पुराण की जानकारी देते हुए पंडित देवकीनंदन तिवारी जी ने कहा श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कार्य का उदय होता है। भागवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। इस मौके  पर रेशम  केंवट ,गोपाल दास महंत, विजय यादव, डिग्री लाल सिदार,गोपाल प्रसाद श्रीवास, खगेश्वर महंत राखी महंत गौ सेवक राकेश केशरवानी योगेश श्रीवास,  शिव यादव सावित्री महंत, गीता यादव, सतम केंवट दुर्गा  महंत, पिंकी  श्रीवास, ललिता मंहत,सुनिता महंत आदि उपस्थित थे।

 

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