युवक पर फरसी से जानलेवा हमला, दंपती समेत बेटा गिरफ्तार
खरसिया: पुरानी बस्ती खरसिया के वार्ड नंबर 6 (पनखतियापार) में 12 फरवरी की रात पुरानी रंजिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली विवाद के बाद पड़ोसियों ने एक युवक पर फरसी (धारदार हथियार) से प्राणघातक हमला कर दिया। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर खरसिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यो – पति, पत्नी और बेटे को हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बीच सड़क पर चली फरसी
घटना 12 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अश्वनी श्रीवास अपने घर के बाहर गली में खड़ा था, तभी पड़ोस में रहने वाले संजय बेरा और उसका बेटा अजीत बेरा वहां पहुंचे और पुरानी खुन्नस निकालते हुए गाली-गलौज करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि अजीत बेरा घर के भीतर से लोहे की फरसी उठा लाया और अश्वनी के सिर पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बेटे को बचाने आई मां सरस्वती बाई के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।
गंभीर हालत में घायल युवक फोर्टिस रायगढ़ रेफर
हमले में अश्वनी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद घायल को सिविल अस्पताल खरसिया ले जाया गया, लेकिन घाव गहरे होने के कारण डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार देकर फोर्टिस जिंदल अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में जानलेवा चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1) और 109 (हत्या का प्रयास) जोड़ दी है।
सलाखों के पीछे पहुंचा पूरा परिवार
एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में खरसिया चौकी प्रभारी अमित तिवारी ने टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी अजीत उर्फ जीत बेरा (20 वर्ष), संजय बेरा (50 वर्ष) और मिठ्ठू बेरा (43 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल की गई फरसी भी बरामद कर ली है। शनिवार को सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कानून हाथ में लिया तो होगी सख्त जेल: SSP
इस हिंसक घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आपसी विवाद को हिंसक रूप देने और कानून हाथ में लेने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस की मदद लें, न कि स्वयं हथियार उठाएं।

