फर्जी नंबर प्लेट लगाकर रोड टैक्स की चोरी करने वाला शातिर ट्रांसपोर्टर ‘राजा’ गिरफ्तार

खरसिया। पुलिस ने एक शातिर ट्रांसपोर्टर के बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। खरसिया पुलिस ने धान परिवहन के खेल में शामिल एक ट्रक मालिक को गिरफ्तार किया है, जो साल 2019 से सरकार की आंखों में धूल झोंक रहा था। आरोपी ने भारी-भरकम रोड टैक्स बचाने के लिए अपने ट्रक पर दूसरे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर उसे सड़कों पर उतारा था। पुलिस की इस दबिश ने जिले के उन ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मचा दिया है जो कागजी हेरफेर कर शासन को करोड़ों के राजस्व की चपत लगा रहे हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारी रेड
यह पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। शुक्रवार को थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े को एक गुप्त सूचना मिली कि सुमित्रा राइस मिल के परिसर में एक ट्रक खड़ा है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी होने का संदेह है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को अवगत कराया गया। एसएसपी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब राइस मिल में दबिश दी, तो वहां ट्रक क्रमांक CG 13 AW 3051 धान लोड करने की तैयारी में खड़ा पाया गया
ड्राइवर से पूछताछ में खुला राज
मौके पर मौजूद चालक ओमप्रकाश कौशिक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो उसने वाहन के मालिक का नाम कपिल शर्मा उर्फ राजा (निवासी खरसिया) बताया। पुलिस ने तत्काल आरोपी ट्रक मालिक कपिल शर्मा को तलब किया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने साल 2021 में ग्राम शिवरीनारायण के रहने वाले शेख फनी से एक ट्रक (असली नंबर CG 11 AB 3370) खरीदा था। इस ट्रक पर साल 2019 से ही रोड टैक्स का भुगतान नहीं किया गया था। टैक्स की राशि लाखों में होने के कारण आरोपी ने इसे पटाने के बजाय फर्जीवाड़ा करने का रास्ता चुना।
दूसरे ट्रक की पहचान चुराकर दे रहा था चकमा
आरोपी कपिल शर्मा उर्फ राजा ने पुलिस को बताया कि आरटीओ की जांच और पेनाल्टी से बचने के लिए उसने अपने ही एक अन्य चालू ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर (CG 13 AW 3051) इस पुराने ट्रक पर पेंट करवा दिया। साल 2021 से वह लगातार इस फर्जी नंबर प्लेट के सहारे धान का परिवहन कर रहा था। आरोपी का इरादा पूरी तरह से शासन को मिलने वाले राजस्व की चोरी करना और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपना ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाना था। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने जानबूझकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
रायगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाते हुए थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 57/2026 दर्ज किया है। आरोपी कपिल शर्मा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति के हस्तांतरण के लिए प्रेरित करना) के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस सफल फांडाफोड़ में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई उमाशंकर धृतांत और उनके हमराह स्टाफ की मुख्य भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जिले के सभी ट्रांसपोर्ट माफियाओं के लिए एक सीधा संदेश है।
इस प्रकार के फर्जीवाड़े का सीधा असर आम जनता और विकास कार्यों पर पड़ता है। रोड टैक्स से आने वाला पैसा सड़कों के निर्माण और जनहित कार्यों में खर्च होता है, जिसकी चोरी शासन को कमजोर करती है। साथ ही, बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चलने वाले वाहन दुर्घटना की स्थिति में ‘हिट एंड रन’ के मामलों को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। खरसिया पुलिस की इस मुस्तैदी से क्षेत्र में अवैध परिवहन करने वाले तत्वों पर लगाम कसेगी।

