मंगल कार्बन में झुलसे तीन और मजदूरों की मौत, बेटी के बाद महिला ने खोया पति
19 साल के मजदूर इंदीवर की भी हुई मौत,
इन पीड़ित परिवारों ने मुर्दा शरीर को लेकर NH रोड पर चक्का जाम कर दिया है उचित मुआवजा की मांग को लेकर
खरसिया की मंगल कार्बन फैक्ट्री मजदूरों के लिए काल बन गई है। ब्लास्ट के बाद झुलसी नौ महीने की छोटी बच्ची ने पहले दम तोड़ा था। अब 19 साल के मजदूर समेत पिता-पुत्र ने भी दम तोड़ दिया है। एक सप्ताह तक संघर्ष करने के बाद बुधवार को तीनों की सांसें बंद हो गई। अस्पताल के वार्ड में गूंजती एक महिला की चीखें और पास खड़ी नर्स उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। उसने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। ससुर भी वेंटिलेटर पर हैं। मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने पूरे परिवार को तोडक़र रख दिया है। महिला ने महज तीन महीने पहले अपनी 3 साल की बेटी को भी खो दिया था। अब हादसे में अपनी दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। गरीबी और पेट पालने की मजबूरी में मां-बाप प्लांट में मजदूरी करते थे और छोटी बच्चियों को साथ लेकर जाते थे। हादसे के दिन भी 9 महीने की भूमि को पास में लेटाकर मां उदासिनी खडिय़ा और पिता शिव खडिय़ा काम कर रहे थे। हादसा होने के बाद छोटी बच्ची भी चपेट में आ गई। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया ही था कि देर रात पिता ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि 19 साल के युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। कारखानों में हाड़ गलाकर सेठ-साहूकारों के लिए रुपए कमाने वाला मजदूर एक सामान की तरह ही है। अपने नौकरों को केवल मशीन समझने वाले प्लांट मालिक खुद बेहद लापरवाह होते हैं। न कोई सुरक्षा और न ही कोई प्रशिक्षण। कम पढ़े-लिखे ग्रामीण बेरोजगार इनका आसान टारगेट होते हैं। मंगल कार्बन फैक्ट्री में पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक स्तर का काम होता है। इसके बावजूद प्लांट मालिक ने मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई ऐहतियात नहीं बरती। 5 फरवरी को खरसिया के बानीपाथर में स्थित मंगल कार्बन प्लांट में टायर गलाने के दौरान अचानक विस्फोट हो गया था
इस दौरान वहां काम कर रहे शिव खडिय़ा पिता साहेबराम खडिय़ा 35 वर्ष, साहेबराम खडिय़ा 55 वर्ष, उदासिनी पति शिव खडिय़ा 30 वर्ष, भूमि खडिय़ा 9 माह, कौशल पटेल पिता पतिराम पटेल 20 वर्ष निवासी रजघटा, प्रिया सारथी पति चमार सिंह निवासी ठाकुरदिया 32 वर्ष, राज पिता चमार सिंह और इंद्रीवर पिता चमार सिंह 19 वर्ष बुरी तरह झुलस गए थे। सोमवार को बच्ची भूमि ने दम तोड़ दिया था। बच्ची के पिता शिव खडिय़ा और दो अन्य वेंटिलेटर पर थे। बुधवार को शिव खडिय़ा, साहेबराम खडिय़ा और इंदीवर ने भी दम तोड़ दिया। इधर बच्ची की मौत के बाद बेसुध हो चुकी मां उदासिनी को पति शिव की मौत ने तोड़ दिया है। पूरा परिवार बिखर चुका है। सुबह पति की मौत होने के बाद दोपहर को उसके ससुर साहेबराम की भी मृत्यु हो गई। सात दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे। बाकी मजदूरों कम जले थे। कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7 ए (1), 7 ए (2) (ए), 7 ए (2) (सी), 41 और 73 के तहत मालिक अविनाश गर्ग को नोटिस जारी किया था। अब तीन मौतों के बाद धाराएं जुड़ेंगी।
मौके पर पुलिस प्रशासन तैनात
पहले भी एक बच्ची की हो चुकी है मौत
अस्पताल में अपनी बेटी को खोने के बाद पति शिव खडिय़ा के ठीक होने का इंतजार करती उदासिनी को सदमा लगा है। हादसे के बाद से पति कुछ कहने-सुनने की हालत में नहीं था। एक मां ने अकेले ही पूरा दुख झेला। अब पति भी साथ छोडक़र चला गया। बेटी के अंतिम संस्कार की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब पति की भी मौत हो गई। दोपहर तक ससुर की भी मृत्यु हो गई। प्लांट में पूरा परिवार मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि उदासिनी की एक 3 साल की बेटी सृष्टि की मौत भी प्लांट के अंदर कुछ वेस्ट मटेरियल खाने के कारण हो गई थी। इस घटना को तीन महीने ही बीते थे। उसके दो और बच्चे हैं।
ठीक हो भी गए तो नहीं कर सकेंगे काम
अभी रायपुर के कालडा हॉस्पिटल में साहेबराम खडिय़ा 55 वर्ष, कौशल पटेल पिता पतिराम पटेल 20 वर्ष निवासी रजघटा, प्रिया सारथी पति चमार सिंह निवासी ठाकुरदिया 32 वर्ष, राज पिता चमार सिंह भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत खराब है। मिली जानकारी के मुताबिक ये लोग ठीक भी हो गए तो शरीर पहले जैसा नहीं रह जाएगा। शरीर की सारी नसें जल चुकी हैं। इंफेक्शन कई हिस्सों में फैल चुका है।
मालिक भी बनेगा आरोपी
तीन मौतों के बाद अब इस केस में पुलिस की कार्रवाई भी बदलेगी। अभी दो कर्मचारियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। तीन मौतों के बाद धारा 304 भी जुड़ेगी। अब प्लांट मालिक के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पर्यावरण विभाग भी फैक्ट्री की जांच करें।
वहीं गुरुवार की सुबह ही हादसे में हुए मृतक के रिश्तेदारों परिजन द्वारा NH 49 रोड पर 50 लाख मुआवजा को लेकर रोड पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ में ही मृत शरीर को भी साथ रोड पर रखे हुए हैं जिसमें मौके पर पुलिस तैनात हो गए हैं और रोड चक्कर जाम हो गया है जिस पर आवागमन पूरी तरीके से बंद है अभी क्या इन मजदूर परिवारों की मांग पूरी होगी या
वही मजदूरों को ठगा जाएगा।

