Wednesday, April 1, 2026
spot_img

मंगल कार्बन प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Must Read

मंगल कार्बन प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज

 

 

खरसिया की मंगल कार्बन फैक्ट्री में मजदूरों की मौत के बाद अब पुलिस हरकत में आई है। प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। पूर्व में दोनों मैनेजरों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया था। रायगढ़ जिले में कारखानों की चारदीवारी के अंदर कई जानें जा रही हैं। इस बार जो हादसा हुआ है, वह आंखें खोलने वाला है। बड़े प्लांटों में मजदूरों को उनका हक दिलाने बैठक, निरीक्षण सब कुछ होता है, लेकिन छोटे और मझोले प्लांटों में दम घोटने वाली जिंदगी से जूझ रहे श्रमिकों को कोई नहीं देखने जाता। मंगल कार्बन प्लांट बानीपाथर में सात में से तीन मजदूरों और एक छोटी बच्ची की मौत हो चुकी है।

 

सोचिए कि एक ही परिवार से तीन पीढिय़ां एक ही हादसे में दम तोड़ दें तो परिजनों की क्या हालत होगी। साहेबराम खड़िया, शिव खड़िया और भूमि खड़िया एक ही परिवार के थे। उनके पड़ोस में रहने वाला मृतक इंदीवर महज 19 वर्ष का था। अब पुलिस ने इस मामले में प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह धारा लापरवाही से किसी की मृत्यु होने से संबंधित है। इसके तहत 5 वर्ष तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है, बशर्ते पुलिस की चार्जशीट ठोस बने। यह पुरानी आईपीसी की धारा 304 ए की जगह लगाई जाती है। अब मामले में तीन आरोपी

 

 

 

अब अनदेखी का समय नहीं

रायगढ़ में बड़े पावर और स्टील प्लांटों में श्रम कानूनों का पालन कराने के लिए सख्ती की जा रही है, लेकिन कुकुरमुत्तों की तरह बढ़ते जा रहे छोटे प्लांटों पर किसी का ध्यान नहीं है। जिले में कई टायर गलाने की फैक्ट्रियां, स्लैग क्रशर, स्टोन क्रशर, रिफेक्ट्रीज, बारुद फैक्ट्रियां हैं। इनमें कभी मजदूरों की सुध नहीं ली जाती। कार्बन फैक्ट्री और स्लैग क्रशर तो पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील हैं। मंगल कार्बन फैक्ट्री की जमीन महेश गर्ग के नाम पर है, लाइसेंस अविनाश गर्ग के नाम पर है जबकि संचालन दूसरे शख्स करते हैं। मजदूरों को कभी उस काम का विधिवत प्रशिक्षण नहीं दिया गया। न ही कोई विशेषज्ञ तैनात था। ईएसआईसी तो केवल निरीक्षण और वसूली में लगा हुआ है। पर्यावरण विभाग की शर्त थी कि उत्पादित कार्बन केवल सीमेंट प्लांटों में ही यूज किया जाए।

Latest News

ग्राम नगझर में एक घर में लगी आग हजारों से समान जलकर हुए खाक….

ग्राम नगझर में एक घर में लगी आग हजारों से समान जलकर हुए खाक.... सक्ती। सक्ती जिले के मालखरौदा थाना...

More Articles Like This