Thursday, February 5, 2026

श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में कृष्ण रुक्मणी  विवाह में सुंदर झांकी सबका मनमोहा

Must Read

श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में कृष्ण रुक्मणी  विवाह में सुंदर झांकी सबका मनमोहा

खरसिया तिगड़िया परिवार द्वारा आयोजित 25 अगस्त से 31 अगस्त तक संगीत में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है जिसके छठवें दिन कृष्ण रुक्मणी विवाह का वर्णन महाराज जी ने अपने अमृतवाणी से सभी को सुनाया पंडित गोपी बाबा महाराज ने उधव चरित्र, महारासलीला व रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण से उन्हें पति रूप में पाने की इच्छा प्रकट की। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों की इस कामना को पूरी करने का वचन दिया। अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया। इसके लिए शरद पूर्णिमा की रात को यमुना तट पर गोपियों को मिलने के लिए कहा गया। सभी गोपियां सज-धजकर नियत समय पर यमुना तट पर पहुंच गईं। कृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर सभी गोपियां अपनी सुध-बुध खोकर कृष्ण के पास पहुंच गईं। उन सभी गोपियों के मन में कृष्ण के नजदीक जाने, उनसे प्रेम करने का भाव तो जागा, लेकिन यह पूरी तरह वासना रहित था। इसके बाद भगवान ने रास आरंभ किया। माना जाता है कि वृंदावन स्थित निधिवन ही वह स्थान है, जहां श्रीकृष्ण ने महारास रचाया था। यहां भगवान ने एक अद्भुत लीला दिखाई थी, जितनी गोपियां उतने ही श्रीकृष्ण के प्रतिरूप प्रकट हो गए। सभी गोपियों को उनका कृष्ण मिल गया और दिव्य नृत्य व प्रेमानंद शुरू हुआ। रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुऐ कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। मौके पर आयोजक की ओर से आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। कथा के साथ-साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया।

Latest News

कोल ब्लॉक के लिए DGPS सर्वे शुरू, 12 गांवों की जमीन पर वेदांता की नजर, तमनार तनाव के बीबर्राच अब बरगढ़ खोला में हलचल

कोल ब्लॉक के लिए DGPS सर्वे शुरू, 12 गांवों की जमीन पर वेदांता की नजर, तमनार तनाव के बीबर्राच...

More Articles Like This