धमतरी डेस्क….

..नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर का आरोप: 16 लाख की टिप्पर 24.75 लाख में खरीदी, 60 लीटर की जगह 40 लीटर का डीजल टैंक – आयुक्त प्रिया गोयल से जांच की मांग….
नगर निगम धमतरी में कचरा संग्रहण के लिए खरीदी गई टिप्पर गाड़ियों में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार निगम ने 2 टिप्पर गाड़ियां बिना RC बुक,बिना इंश्योरेंस और बिना नंबर प्लेट के ही सड़क पर उतार दीं। इतना ही नहीं, बाजार में 16 लाख की टिप्पर को 24 लाख 75 हजार में खरीदकर प्रति गाड़ी 9 लाख का नुकसान पहुंचाया गया। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने इसे ‘खुल्लम खुला भ्रष्टाचार’ बताते हुए आयुक्त प्रिया गोयल को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
. RTI से खुलासा: कैसे हुआ 18 लाख का घोटाला?
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर द्वारा लगाई गई RTI से मिले दस्तावेजों के अनुसार:
– गाड़ी का मॉडल: टाटा 612 SKE 3305, 3.3 टन क्षमता
– बाजार कीमत: लगभग 16 लाख रुपये प्रति गाड़ी
– नगर निगम ने खरीदा: 24 लाख 75 हजार रुपये प्रति गाड़ी में
– प्रति गाड़ी नुकसान: 8 लाख 75 हजार रुपये
– 2 गाड़ियों पर कुल नुकसान: 17 लाख 50 हजार रुपये

दीपक सोनकर ने बताया: “केवल रेट ही ज्यादा नहीं लिया। टेंडर में डीजल टैंक 60 लीटर का मांगा गया था, पर मौके पर जांच में 40 लीटर का टैंक लगा मिला।”
‘कागज नहीं, पर सड़क पर दौड़ रही टिप्पर’ – नियमों की धज्जियां*
RTI में खुलासा हुआ कि दोनों टिप्पर गाड़ियां बिना RC बुक , इंश्योरेंस और बिना नंबर प्लेट के ही 4 महीने से शहर में कचरा उठा रही हैं।
दीपक सोनकर बोले: “मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन है। अगर कल को एक्सीडेंट हो जाए तो जिम्मेदार कौन? इंश्योरेंस भी नहीं होगा। 106 करोड़ की कंगाली का रोना रोने वाला निगम 9 लाख एक्स्ट्रा देकर गाड़ी खरीदता है, पर RC नहीं बनवाता। ये कैसी कार्यशैली है?
PM मोदी ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ कहते हैं, और यहां ‘सुशासन तिहार’ में भ्रष्टाचार की टिप्पर दौड़ रही है।”
आयुक्त को ज्ञापन: 7 दिन में जांच नहीं किया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर,उप नेता विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल,सूरज गहरवाल, सुमन सोमेश मेश्राम,पूर्णिमा गजानंद रजक, भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे ने आयुक्त प्रिया गोयल को ज्ञापन सौंपा।
मांगें:
1. टिप्पर खरीदी की उच्च स्तरीय जांच EOW से कराई जाए।
2. दोषी अफसरों और सप्लायर पर FIR दर्ज हो।
3. 17.50 लाख की वसूली जिम्मेदारों से की जाए।
4. बिना RC की गाड़ियां तुरंत जब्त हों।
नगर निगम धमतरी द्वारा खरीदी गई 2 कचरा टिप्पर में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। RTI से खुलासा हुआ कि 16 लाख की टिप्पर 24.75 लाख में खरीदी गई, जिससे 17.50 लाख का नुकसान हुआ। 60 लीटर की जगह 40 लीटर का डीजल टैंक लगा मिला। गाड़ियां बिना RC-नंबर प्लेट के चल रही हैं। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने आयुक्त को ज्ञापन देकर EOW जांच और FIR की मांग की है निगम ने जांच का आश्वासन दिया ।


