Tuesday, May 5, 2026
spot_img

जुदाई का सफ़र”

Must Read

“जुदाई का सफ़र” 

 

तेरी रूह में उतरकर तैरना चाहता था ।

तू दिल के किसी कोने को सहला गयी।।

तेरे दीदार की ख्वाइस थी निगाहों को।

पता नही कब आसमाँ बनकर छा गयी।।

 

मै ढूँढता रहा अंधेरों में जिसे ।

वो रौशनी बनकर तू समां गयी।।

तन्हाइयों ने बांध रखा था मुझे ।

तू जिन्दगी में तूफान लेके आ गयी।।

 

मैं सोंचता रहा कुछ कहने के लिए,

तू इशारों ही इशारों में बता गयी।

ढाई आखर प्रेम की ,

ये पाठ कैसी पढ़ा गयी ।।

 

अब ये चाँद क्या बताये क्यों जुदा है चाँदनी से ।

ये सुर क्यों बिखरे है मन की रागनी से।।

चलो पूछ लेता हूँ इस कलम से ✍️

मिलन की वो पल कहाँ गयी।।

 

*रचना* चंद्रपाल गवेल (चाँद)

ग्राम-कर्रापाली, पो. अडभार, जिला- सक्ति, पिन-495-695

मो. 8770639735 (छत्तीसगढ़)

 

Latest News

पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ का चतुर्थ स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह खरसिया में संपन्न

पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ का चतुर्थ स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह खरसिया में संपन्न रायगढ़ - पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़,...

More Articles Like This