विकास के नाम पर खरसिया में विनाश की नींव बिना सर्विस रोड बन रहा ओवरब्रिज

बना आफत, घटिया निर्माण सामग्री से मंडराया हादसों का खतरा
खरसिया
वर्षों के लंबे इंतजार और दर्जनों हादसों के बाद खरसिया नगर को जिस ओवरब्रिज की सौगात मिली थी, वही अब स्थानीय जनता के लिए गले की फांस बन चुका है। रेलवे फाटक के रोज-रोज के जाम और हादसों से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठी जनता को क्या मालूम था कि ओवरब्रिज का निर्माण राहत की जगह आफत लेकर आएगा। निर्माण कार्य में शासन के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदार की मनमानी, घटिया निर्माण सामग्री और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी ने इस जनहित के प्रोजेक्ट को भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ा दिया है।
नियमों को ठेंगा बिना सर्विस रोड शुरू हुआ काम
आम नियमों के मुताबिक, किसी भी घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज निर्माण से पहले आम जनता के आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित सर्विस रोड बनाना अनिवार्य होता है। लेकिन खरसिया में ठेकेदार ने पैसे और समय बचाने के फेर में बिना सर्विस रोड बनाए ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
कीचड़ और गड्ढों का साम्राज्य कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं
बारिश के इस मौसम में पूरा मार्ग दलदल और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है।
मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ पांच बड़े स्कूलों के रास्ते ठप्प
इसी प्रभावित मार्ग पर शहर के पांच सबसे प्रमुख शिक्षण संस्थान छोटे छोटे बच्चों का बाल मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर, उच्चतर माध्यमिक कन्याशाला, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल और पीएम श्री आत्मानंद इंग्लिश स्कूल स्थित हैं। रोजाना हजारों मासूम बच्चे, छात्राएं और अभिभावक इसी दलदल और लोहे के नुकीले टुकड़ों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। ठेकेदार की इस संवेदनहीनता के कारण कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है।
शहर की जीवनरेखा ठप्प सब्जी मंडी, अस्पताल और थाना मार्ग पर ताला
यह मार्ग केवल एक मोहल्ले का रास्ता नहीं, बल्कि खरसिया की जीवनरेखा है। इसी रोड पर सब्जी मंडी, शासकीय अस्पताल, पुलिस चौकी, विश्राम गृह, पेट्रोल पंप और मुख्य बाजार स्थित हैं।
इमरजेंसी के समय एम्बुलेंस और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सब्जी मंडी और मुख्य बाजार के व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह ठप हो चुका है।
और आने वाले त्योहारी सीजन में भी उन्हें राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। व्यापारी भुखमरी की कगार पर पहुंच रहे हैं क्योंकि ग्राहकों का आना-जाना पूरी तरह बाधित हो चुका है।
गणेशोत्सव और नवरात्रि में बिगड़ेगी स्थिति
खरसिया का गणेश पूजन, दुर्गा पूजा और दशहरा मेला और बड़े स्तर पर लगने वाला मीना बाज़ार पूरे अंचल में प्रसिद्ध है, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। यदि स्थिति में तुरंत सुधार नहीं किया गया और सर्विस रोड नहीं बनाई गई, तो आगामी त्यौहारों में शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होना तय है।
समय से पहले काम खत्म करने की अंधी दौड़ जंग लगा सरिया और घटिया सीमेंट का खेल
ठेकेदार पर शासन की समय-सीमा से पहले काम पूरा करने का ऐसा भूत सवार है कि ओवरब्रिज की बुनियादी मजबूती से ही समझौता कर लिया गया है घटिया सामग्री निर्माण में खुलेआम जंग लगे सरियों निम्न स्तर के सीमेंट, घटिया रेती और गिट्टी का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
शून्य सुरक्षा मानक
मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा। बैरिकेड्स के नुकीले लोहे बाहर निकले हुए हैं, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। साइन बोर्ड का अभाव रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सचेत करने के लिए न तो रेडियम साइन बोर्ड लगाए गए हैं और न ही पर्याप्त रोशनी का प्रबंध है।
बड़ा सवाल – करोड़ों का प्रोजेक्ट, फिर भी अधिकारी मौन क्यों?
करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज में यदि आज ही घटिया निर्माण की नींव रखी जाएगी, तो कल को यह किसी बड़े पुल हादसे का कारण बन सकता है।
खरसिया की अमन पसंद शांतिप्रिय जनता के सब्र का टूट रहा बांध
खरसिया की अमन पसंद शांतिप्रिय जनता के सब्र का बांध टूट रहा है आम जनता द्वारा अविलंब शासन, प्रशासन और ठेकेदार से गुणवत्तापूर्ण सर्विस रोड का निर्माण करवाने घटिया सामग्री का इस्तेमाल बंद करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई है। और साथ ही शासन-प्रशासन को इस बेलगाम ठेकेदार पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, वरना किसी भी दुर्घटना की सीधी जिम्मेदारी निर्माण विभाग अधिकारियों और इंजीनियरों तथा संबंधित ठेकेदार की होगी। अब सवाल यह भी उठता है कि शासन प्रशासन क्षेत्र की भोली भाली शांतिप्रिय जनता की कब तक परीक्षा लेगा और आम जनता कब तक बर्दाश्त करेगी।




