योग शिक्षक लव कुमार गवेल किया शरीर दान क्षेत्र में खूब हो रही तारिफ 
खरसिया स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ मे लव कुमार गवेल, पिता श्री स्व. चिंतामणि गवेल, माता श्रीमति फुलबाई गवेल, वार्ड नं. 18 ठाकुरदिया खरसिया में 46 साल से रह रहें हैं। यहाँ वे अपना न्यू गवेल टेलर्स के नाम से सिलाई दुकान चला रहें हैं, साथ ही भारत स्वाभिमान न्यास व पतंजलि योग समिति हरिद्वार से संचालित एवं प्रमाणित योग शिक्षक हैं, जिनका योग शिक्षक क्र. 232914 है। साथ ही ये भारत स्वाभिमान न्यास व पतंजलि योग समिति से खरसिया का तहसील प्रभारी भी हैं।इन्होंने मृत्योपरांत अपना पूरा शरीर रचना विज्ञान विभाग (एनाटॉमी विभाग) को 13-05-2026 को अपना मृत्योपारांत शरीर दान फॉर्म को जमा कर दिये हैं, इसमें उनका पुत्र श्री आनंद वर्धन गवेल, पुत्रवधु श्रीमति ममता गवेल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमति सेवती देवी गवेल इन सभी की सहमती से अपना शरीर स्वेक्षा से एनाटॉमी विभाग को सौंप दिए हैं। इसमें इनके नाता रिश्ता का भी पूर्ण सहयोग है, मृत्योपरांत इनके मृत शरीर में परिवार का कोई भी सदस्य हो या स्वयं का पुत्र क्यों न हो हस्तक्षेप नहीं करेंगे तथा एनाटॉमी विभाग को स्वेक्षा से सौंप देंगे।
इन्होंने इतना अच्छा काम कियें हैं जितना भी सराहना करें कम हैं क्योंकि मरने के बाद मृत शरीर को जला देते हैं या मिट्टी में गाड़ देते हैं या जल प्रवाह कर देते हैं इससे मृत शरीर कोई काम का नहीं रहता। इन्होंने अपना शरीर दान करके अच्छा काम किया है जिससे मेडिकल कॉलेज के बहुत सारे छात्र छात्राएं इनके मृत शरीर द्वारा अध्ययन कर डॉ. बन सकेंगे।
श्री लव कुमार गवेल, गवेल सामाज से पूर्ण मृत शरीर दान करने वाले प्रथम व्यक्ति हैं। इनके विचारधारा को सभी की तरफ चर्चा कर रहे हैं और प्रेरणा ले रहे हैं गबेल ने कहा कि आप सभी भी मृत्यु उपरांतअपने शरीर का दान जरूर करें ताकि आने वाले भविष्य को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सीखने को मिले और चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति लाएं।


