फर्जी अंकसूची व आर्मी नहीं होने के बाद भी फर्जी कोटे से कई सालों से कर रहा शिक्षक की नौकरी

कोरबा। कोरबा जिले में शिक्षक फर्जी अंकसूची व फर्जी कोटे पर नौकरी कर रहा है , शिक्षक रामफल कश्यप का यह कारनामा तब उजागर हुई जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाली गई , वह पूरी तरीके से फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी कर हर महीने वेतन उठाकर सरकार को चुना लगा रहा है और सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगी है , उसके द्वारा किस तरीके से फर्जीवाड़े किए गए हैं उसे आप भी जानकर हैरान हो जाएंगे , एक नहीं बल्कि दो तरीके से फर्जीवाड़े किया गया है ,दरअसल रामफल कश्यप सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र के पेंड्री गांव के रहने वाला है , जो शिक्षा कर्मी के नौकरी हथियाने के लिए पहले तो फर्जी तरीके से अंकसूची बनवाया , उसने 12 वीं कक्षा की पढ़ाई पितांम्बर हायर सेकंडरी स्कूल मल्दा से किया है और 2003 में 249 अंकों के साथ सेकेंड डिवीजन में उत्तीर्ण हुआ था जो ओरिजन है , मगर उसने नौकरी हथियाने के चक्कर में कूटरचना करते हुए 2003 का ही फर्जी तरीके से 408 अंकों का अंकसूची बनवा लिया , इस तरह से उसने ओरिजन अंकसूची से 159 अंक ज्यादा बढ़ाकर अंकसूची बनवाकर सक्ती जिले में नौकरी किया और उसके बाद फर्जीवाड़े की किसी को कोई जानकारी न सोंचकर उसने कोरबा जिले में नौकरी कर रहा है वहाँ भी एक के बाद दूसरे फर्जीवाड़े कर नौकरी कर रहा है वहाँ उसने आर्मी के कोटे से नौकरी कर रहा है , जबकि रामफल कश्यप न तो पहले आर्मी था और न ही उसके परिवार के लोग कोई आर्मी में थे , उसके बावजूद भी सरकार की आंखों पर धूल झोंकते हुए उसने कूटरचना कर आर्मी के कोटे से नौकरी कर सरकार को हर साल लाखों रुपए का चूना लगा रहा है ,इस तरह से रामफल कश्यप के द्वारा नौकरी पाने के लालच में धोखाधड़ी करते हुए कई सालों से फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी कर रहा है , इतना ही नहीं उसने किसी को फर्जीवाड़े की जानकारी न हो कहकर अपने जिले को छोड़कर कोरबा जिले में छूपकर नौकरी कर रहा है , अब देखना कि इस तरह से फर्जीवाड़े कर नौकरी करने वालों के ऊपर सरकार व पुलिस किस तरीके से कार्रवाई करती है ये तो आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।


